यह कहानी एक 21 साल के लड़के की है, जो अब 31 साल का हो चुका है।
लेकिन आज भी जब मैं उस समय को याद करता हूँ, जब मैंने कविता और मंजू भाभी को चोदने का प्लान बनाया था, तो मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
उस समय मेरी उम्र करीब 21 साल थी।
मेरे पिताजी ने एक दूध की डेयरी खोली थी, जहाँ दूध बेचने का काम होता था।
उस डेयरी के पास दो महिलाएँ रहती थीं। (Hindi Sex Story)
एक मंजू भाभी और दूसरी कविता भाभी।
ये दोनों महिलाएँ बहुत चालाक थीं।
मुझे उस समय नहीं पता था कि वे क्या चाहती हैं।
एक दिन मैं डेयरी पर दूध बांट रहा था।
तभी वे दोनों दौड़ती हुई आईं और बोलीं- दूध दो, चूत लो!
यह सुनकर मैं शरमा गया। (Hindi Sex Story)
मैं सोचने लगा कि ये दोनों इतना खुल कर क्या कह रही हैं!
हालाँकि मेरा जवान लंड फड़फड़ाने लगा कि ये दोनों रंडियाँ चूत देने की बात कर रही हैं।
यह सब सोचते-सोचते मैं उस रात सो नहीं सका।
जब भी मैं उठता, मैं अपना लंड पकड़ कर रगड़ता।
कभी-कभी मैं मुठ्ठी मारने लगता और सोचता कि कविता भाभी को कैसे चोदूँ!
अब मैं रात को भी डेयरी पर जाने लगा।
मैं कविता के पास बैठ जाता और मजेदार बातें करता।
मैं यह भी सोचता कि कविता को कैसे अपने वश में करूँ।
एक दिन अचानक लाइट चली गई।
मैंने मौका देखकर कविता के स्तनों पर हाथ रख दिया।
वह कुछ नहीं बोली। (Hindi Sex Story)
मैंने हिम्मत जुटाई और भाभी के एक चूचे का निप्पल दबा दिया.
यार क्या बताऊँ… मजा आ गया.
गजब की बात तो ये थी कि कविता भाभी फिर भी कुछ नहीं बोली.
अब मैं समझ गया था कि इस भाभी को चोदना आसान हो गया है.
लेकिन मुझे कविता भाभी को पकड़कर चोदने का सही मौका नहीं मिल रहा था.
मंजू भाभी को भी शक हो गया था कि मैं कविता को चोदना चाहता हूँ.
यहाँ तो बस सही समय का इंतज़ार था. (Hindi Sex Story)
अब सर्दी का मौसम आ गया था.
सुबह-सुबह डेरी सूनी हो रही थी.
दूध खरीदने वाले ग्राहक आते, दूध लेकर चले जाते और फिर वहाँ कोई नहीं होता।
मैंने मन ही मन कविता भाभी को चोदने का मन बना लिया।
मैंने पता लगाया कि कविता भाभी कहाँ सोती हैं।
ढूँढ़ने पर पता चला कि वो अंदर वाले कमरे में अकेली सोती हैं।
बस दोस्तों, अगली सुबह 7 बजे मैं चुपके से कविता भाभी के कमरे में घुस गया। (Hindi Sex Story)
जब मैंने वहाँ देखा तो कविता भाभी बेफिक्र होकर सो रही थीं। इतनी ठंड में भी मैंने सिर्फ़ अंडरवियर पहना हुआ था और मेरा लंड फड़फड़ा रहा था।
मैंने धीरे से कविता भाभी की रजाई उठाई और अंदर घुसकर उनके ऊपर चढ़ गया।
वो तुरंत जाग गईं और बोलीं- कौन है?
मैंने जल्दी से भाभी का मुँह बंद किया और कहा- कविता भाभी, मैं हूँ!
वो समझ गईं कि मैं चोदने आया हूँ। (Hindi Sex Story)
मैंने भाभी का पेटीकोट ऊपर करके उतार दिया और अपना अंडरवियर उतारकर अपना मोटा लंड उनकी चूत पर फिट कर दिया.
उससे पहले मैंने अपने लंड और चूत पर थूक लगाकर उन्हें चिकना कर लिया था.
मैंने कविता भाभी के मोटे चूचे को पकड़ा और धीरे-धीरे अपना लंड अंदर डाला.
कविता भाभी लंड की दीवानी थी और चुदाई के लिए एकदम सही औरत लग रही थी. (Hindi Sex Story)
भाभी ने मजे से मेरा लंड लिया. फिर मैंने एक जोरदार झटका मारा, तो पूरा लंड उनकी चूत में चला गया.
उन्होंने ‘आह’ कहा और मुझे अपने चूचो से चिपका लिया और कराहने लगीं और मुझे चूमने लगीं.
बस, फिर क्या… मैंने भाभी को कस कर पकड़ लिया और जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया.
वाकई, मुझे कविता भाभी को चोदने में इतना मजा आया कि मैं रुका ही नहीं.
कविता भाभी भी अपनी टांगें ऊपर करके चुदवाती रहीं. (Hindi Sex Story)
उनकी भी फटी हुई चूत में नया जवान लंड आ गया था, इसलिए वो मजे ले रही थीं.
बहुत तेजी से चोदने के बाद मेरा सारा माल उनकी चूत में निकल गया.
कुछ देर बाद मैंने लंड बाहर निकाला और उसे साफ किया.
मैंने कविता भाभी का पेटीकोट भी ठीक किया और उन्हें चूमने के बाद चुपचाप कमरे से बाहर चला गया.
मैं इधर-उधर देखता हुआ वापस डेयरी पर आ गया.
कुछ दिनों बाद मैंने कविता भाभी को फिर से चोदा. (Hindi Sex Story)
जब मंजू भाभी को पता चला कि मैंने कविता भाभी को चोदा है तो उन्होंने मुझसे कहा- तुम्हें कविता को चोदने में मज़ा आया… है न?
मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- अब तुम्हारी बारी है भाभी!
उस दिन के बाद कविता भाभी और मैं ज़्यादा मिलने लगे.
जब भी डेयरी पर सन्नाटा होता तो मैं चुपके से कविता भाभी के पास चला जाता.
अब वो भी मुझसे खुल कर चुदवाने लगी थी. (Hindi Sex Story)
एक दिन उसने मुझसे कहा- तुम बड़े शरारती हो! हर बार चुपके से आते हो!
मैंने हँसते हुए जवाब दिया- कविता भाभी, तुम्हारे बिना मज़ा नहीं आता!
हम दोनों अब एक दूसरे के साथ मस्ती करने लगे थे. कभी-कभी वो मुझे चिढ़ाने लगती- दूध बाँटने आए हो या कुछ और करने?
मैं भी हँसते हुए कहता- दूध तो बहाना है, असली चीज़ तो तुम्हारी चूत है!
हमारी ये नोकझोंक धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदल गई. एक बार सर्दियों की रात थी.
इतनी ठंड थी कि हड्डियाँ जम रही थीं. मैंने सोचा कि आज कविता भाभी के पास जरूर जाना चाहिए. मैं चुपके से भाभी के कमरे में घुस गया. (Hindi Sex Story)
वो रजाई में दुबकी हुई थी. मैंने धीरे से रजाई उठाई और उसके बगल में लेट गया.
वो हैरान होकर बोली- अरे, तुम फिर आ गए? ठंड में भी चैन नहीं है! मैंने कहा- भाभी, ठंड में तुम्हें मुझे और गर्म करना पड़ेगा!
उस रात हम दोनों ने फिर से सेक्स का मजा लिया. मैंने भाभी की दोनों टाँगें फैलाकर अपना लंड उसके अंदर डाल दिया और जोर-जोर से उसे चोदने लगा. (Hindi Sex Story)
चुदवाते हुए भाभी कह रही थी कि आज बहुत ठंड थी, इसलिए मुझे भी तुम्हारी याद आ रही थी.
मैंने हँसते हुए कहा- भाभी, मुझे पता चल गया है कि तुम्हारे दिल में क्या है!
कविता भाभी अब पूरी तरह खुल चुकी थी. वो भी अपनी गांड उठाते हुए चुदवाने का मज़ा लेने लगी थी.
वो मुझसे बोली- तुम बहुत होशियार हो! तुमने इतनी जल्दी सब कुछ सीख लिया!
मैंने हँसते हुए जवाब दिया- तुम गुरु हो भाभी, मैं तो बस तुम्हारा चेला हूँ! (Hindi Sex Story)
भाभी हँसते हुए बोली- मंजू को भी सब पता चल गया है.
मैंने कहा- तो तुम कहो, मैं मंजू भाभी को भी चोदूँगा.
कविता भाभी मुझे चूमते हुए बोली- लाला, पहले मुझे चोदो, तुम बाद में उसकी चूत चोद लेना!
एक दिन मंजू भाभी ने मुझे अकेले में पकड़ लिया और बोली- तुम तो रोज कविता के साथ मस्ती करते हो, मेरे बारे में क्या सोचते हो?
भाभी की हवस देखकर मैं हैरान रह गया.
मैंने सोचा, अब ये भाभी खुल कर बोल रही है, तो मैं इसे एक मौका जरूर दूंगा।
मैंने हंसते हुए कहा- मंजू भाभी, आप भी कम नहीं हैं… बस मुझे एक मौका दो, तो मैं आपकी भी खुजली मिटा दूंगा!
मंजू भाभी हंसते हुए बोली- देखो, इतना घमंड मत करो! तुमने कविता को तो पटा लिया है, लेकिन मुझे पटाए रखने के लिए तुम्हें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी! (Hindi Sex Story)
मैंने मन ही मन सोचा, ये मुझे चुनौती दे रही है।
अब मुझे इस भाभी को भी काबू में करना पड़ेगा।
इसके बाद मैं समय-समय पर मंजू भाभी से बात करने लगा।
वो भी मस्ती में बात करती थी।
मैंने उनका फोन नंबर भी ले लिया था और वो भी मुझसे फोन पर बात करती रहती थीं।
एक दिन डेयरी पर कोई नहीं था। (Hindi Sex Story)
मैंने मौका देखकर मंजू भाभी को फोन किया और कहा- आज मैं तुम्हें नहीं छोडूंगा!
वो हंसते हुए बोली- अरे, इतनी जल्दी? पहले मेरा कुछ करो!
मैंने कहा- बताओ भाभी, तुम्हें क्या चाहिए? दूध, मलाई या कुछ और?
भाभी मंजू ने हंसते हुए जवाब दिया- तुम बहुत होशियार हो! ठीक है, आज रात मेरे घर चलो। फिर मैं देखूँगी कि तुम्हें मलाई चाहिए या रबड़ी!
मैंने मन ही मन सोचा कि अब खेल और मजेदार होने वाला है।
उस रात मैं फिर से अपना काम करने के लिए डेयरी पर चला गया।
उसी समय भाभी मंजू आईं, वो उस समय अकेली थीं।
आते ही उन्होंने मुझसे कहा- कैसे हो मेरे शेर! आज मैं यहाँ अकेली हूँ, अब बताओ क्या करोगे?
मैंने हंसते हुए जवाब दिया- भाभी मंजू, आज रात मैं तुम्हें अविस्मरणीय आनंद दूँगा! बस अपनी चूत गीली रखना, मैं आते ही तुम्हें चोद दूँगा। (Hindi Sex Story)
भाभी हंसते हुए बोली- देखते हैं, तुम्हारा हथियार कितना शक्तिशाली है!
उस रात मुझे भाभी मंजू के साथ वही मज़ा आया, जो मुझे कविता के साथ आता था।
रात को मैं अंधेरे में उसके घर के बाहर गया तो देखा कि दरवाज़ा वैसे ही खुला हुआ था।
मैं चुपके से अन्दर गया और इधर-उधर देखने लगा कि भाभी किस कमरे में होंगी।
तभी एक हाथ आगे आया और मुझे पकड़ कर एक तरफ खींच लिया.
मैंने देखा तो मंजू भाभी थीं.
वो पूरी तरह से नंगी थीं. (Hindi Sex Story)
भाभी ने एक कोने में चटाई बिछा रखी थी.
उन्होंने वहीं मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे लिटा कर मेरे लंड पर चढ़ गईं.
भाभी कुछ देर तक मेरे लंड पर सवार रहीं और झड़ गईं.
मेरा लंड अभी भी फुंफकार रहा था.
मैंने भाभी को अपने नीचे लिया और उनकी चूत में अपना लंड डाल कर उन्हें जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया.
वो भी अपनी टांगें उठा कर मेरे लंड का मजा ले रही थीं.
उन्होंने मुझसे कहा- तुम सच में बहुत बढ़िया पहलवान हो! तुम दोनों को एक साथ संभाल रहे हो!
मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- जब तुम जैसी भाभियाँ मेरी उस्ताद हैं, तो शिष्य को भी कुछ बड़ा करना होगा!
अब डेयरी मेरे लिए सिर्फ दूध बेचने की जगह नहीं थी.
ये मेरी मौज-मस्ती की जगह बन गई थी. (Hindi Sex Story)
कविता भाभी और मंजू भाभी दोनों ही मुझसे खुलकर मजाक करती थीं.
कभी-कभी दोनों मिलकर मुझे चिढ़ाते- अरे, वो तो दोनों का मालिक बन गया है!
मैं भी हंसकर जवाब देता- मैं मालिक नहीं, बस तुम दोनों का दीवाना हूँ! (Hindi Sex Story)
एक दिन कविता भाभी ने मुझसे कहा- सुनो, अब ज्यादा ऊपर मत उड़ो। किसी को पता चल गया तो डेयरी बंद हो जाएगी!
मैंने हंसकर जवाब दिया- कविता भाभी, चिंता मत करो। ये राज सिर्फ़ हम दोनों के बीच ही रहेगा!
वो हंसकर बोली- देखो, हाँ तुम बहुत होशियार हो और मुझे तुम पर भरोसा है!
कुछ दिनों बाद डेयरी पर काम करने के लिए एक नया लड़का आया।
उसका नाम राजू था।
वो भी बहुत होशियार था।
कुछ ही दिनों में वो कविता भाभी और मंजू भाभी से मज़ाक करने लगा।
मुझे उससे जलन होने लगी।
मुझे लगा, वो मेरी पिच पर खेलने आया है!
एक दिन मैंने राजू को अकेले में पकड़ लिया और कहा- सुनो कमीने, ज्यादा ऊपर मत उड़ो। कविता भाभी और मंजू भाभी मेरी गर्लफ्रेंड हैं!
राजू ने हंसते हुए कहा- अरे भाई, तुम गुस्सा हो गए! ठीक है, मैं पीछे हट जाता हूँ। पर तुम भी सावधान रहना। ये दोनों बहुत चालाक हैं!
मैंने मन ही मन सोचा, वह सही कह रहा है। अब मुझे ज़्यादा सावधान रहना होगा।
एक दिन पिताजी ने डेयरी बंद करने का फ़ैसला किया।
उसने कहा- अब यह धंधा ठीक नहीं चल रहा है। इसे बंद करना पड़ेगा। अब हम इसे शहर में स्थापित करेंगे।
शहर जाने की यह खबर मेरे लिए किसी सदमे से कम नहीं थी।
कविता भाभी और मंजू भाभी से मेरी मुलाकातें अब खत्म होने वाली थीं।
आखिरी दिन मैंने कविता भाभी से कहा- आज मैं तुम्हें यादगार मजा दूंगा!
उसने हंसते हुए जवाब दिया- तुम बस बातें करो! चलो, अपना जादू दिखाओ!
उस दिन हमने फिर वही मजा किया। मंजू भाभी ने भी मुझसे कहा- अब तुम जा रहे हो, लेकिन हमें मत भूलना!
मैंने हंसते हुए जवाब दिया- तुम दोनों को भूलना नामुमकिन है!
अब मैं 30 साल का हो गया हूँ। गाँव की डेयरी बंद हो गई है। (Hindi Sex Story)
कविता भाभी और मंजू भाभी कहीं और चली गई हैं।
लेकिन उनकी यादें आज भी मेरे दिल में जिंदा हैं।
जब भी मैं उस समय की भाभियों की चुदाई को याद करता हूँ, तो मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
दोस्तों, यह सेक्स कहानी बिलकुल सच्ची है। इसमें कोई बनावटीपन नहीं है।
जल्द ही मैं आपके सामने एक और सच्ची सेक्स कहानी लेकर आऊँगा।
तब तक के लिए अलविदा! (Hindi Sex Story)