नमस्कार दोस्तों,
मेरा नाम अभिषेक है, उम्र 23 साल है, मैं दिखने में एक आम इंसान हूँ ।
मेरा जिस्म भी कुछ खास नहीं औसत ही है। कई बार मुझे भी लगा की मैं भी अपनी कहानी पोस्ट करूँ, मगर सामाजिक कार्य होने के कारण कभी वक्त ही नहीं मिला। Read – गर्ल्स हॉस्टल की रैगिंग में लेस्बियन सेक्स | Girls Hostel Lesbian Ragging Sex
मैं आप सभी को बता दूँ की मैं एक शादीशुदा व्यक्ति हूँ मगर मेरा गौना होना अभी बाकी है। मेरी बीवी वाराणसी के एक हॉस्टल में पढ़ती है मगर हम दोनों के बीच में मात्र और मात्र फोन पर ही बातें होती थी।
हम कभी-कभी मिलते भी थे मगर परिवार के लोग साथ में होने के कारण कभी एक-दूसरे के करीब नहीं आ सके , ज़्यादातर हम एक-दूसरे से फ़ोन पर ही अपने हाले-दिल सुनाते थे।
बात उन दिनों की है जब मैं एक राजनीतिक पार्टी की मीटिंग में दिल्ली जाने वाला था। उस समय वह पार्टी भ्रष्टाचार पर लड़ रही थी। मैं सूरत से पार्टी को देखता था।
25 नवम्बर को मैं दिल्ली पहुंचा, वहां से मुझे जंतर मंतर जाना था। 26 नवम्बर तक मैंने अपने सारे काम निपटा लिए और 28 तारीख को मेरी शादी की सालगिरह थी और मैं अपनी बीवी को एक तोहफा देना चाहता था, उसके साथ समय भी व्यतीत करना चाहता था।
सब एकदम सही हो रहा था और ठीक सुबह छः बजे मैं वाराणसी पहुंच गया। वहा पहुँच कर मैंने अपनी पत्नी को फ़ोन किया पत्नी बहुत आश्चर्य से बोली- आप कहा हैं..
मैं कल से आपको फ़ोन कर रही हू। आप का फ़ोन बंद आ रहा है। मैंने बोला- जल्दी अपने हॉस्टल से बाहर आओ मैं तुम्हें लेने आया हू। Read – गर्ल्स हॉस्टल की रैगिंग में लेस्बियन सेक्स | Girls Hostel Lesbian Ragging Sex
उस ने बोला- आप झूठ बोल रहे हैं? मैंने बोला- तुरंत अपने गेट पर आओ, मेरे फ़ोन की बैटरी लो है। वह जल्दी से गेट पर पहुंची और मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया।
फिर मैंने उससे कहा- तुम अपना दूसरा फ़ोन दे दो .. मैं घर जाकर आता हू.. तब तक तुम तैयार हो जाओ .. हम बाहर घूमने जाने वाले हैं।
वह तैयार होने चली गई और मैं वहां से अपनी साली के घर चला गया । मैं तैयार होकर उसको को लेने आया। उसने मेरी दी हुई नेट की साड़ी पहनी हुई थी जिस पर कढ़ाई की बहुत ही सुन्दर कारीगरी की गई थी।
दोस्तों क्या बताऊं .. वो क्या लग रही थी। वो आ कर कार में बैठ गई, मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया । मैं तो उसे देख कर पागल हो गया था। Read – गर्ल्स हॉस्टल की रैगिंग में लेस्बियन सेक्स | Girls Hostel Lesbian Ragging Sex
आप किसी को प्यार करते हैं और आप उससे काफी दूर हों तो ऐसा होना स्वाभाविक बात है। फिर मैंने उस समय अपने आप पर काबू किया और हम दोनों खाना खाने मॉल चले गए।
वहा खाना खा कर हमने साथ में पिक्चर देखी और इस सब में काफी समय बीत गया था रात हो गई थी। अब हमने सोचा रात में कहा जाऊ, तो मैंने अपने साढू को फ़ोन किया और सब बात बता दी।
उन्होंने हमें अपने घर रुकने का आग्रह किया, फिर हम उनके घर की तरफ चले गए वहाँ पहुँच कर हमने हाथ- मुंह धोए और सोने के लिए बोला।
उन्होंने हम दोनों के लिए एक ही कमरा रखा था शायद वो हमारी बात समझ गए थे। दोनों बिस्तर पर पहली बार मिले ऐसा लगा आज की रात नींद ही नहीं आने वाली है।
मैं उसको चूमने लगा, धीरे-धीरे मैंने साड़ी उठा कर पहली बार उसकी चूत को छुआ। उसने अपनी आंखें बंद कर ली और मैं और पागल होता चला गया।
मैंने उसके गहने उतारने शुरू कर दिए। उसने मुझे देखा और मुस्कुरा दी। मुझे समझ में आ गया की वो क्या सोच रही थी। मैंने तुरंत ही साड़ी ऊपर करके उसकी बुर को रगड़ना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर में उसकी बुर से पानी टपकने लगा। एक बार तो दिल कर रहा था की चाट लू, मगर पता नहीं क्यों मैं अपने में ही रुक गया और उसके कपड़े खोलने लगा।
अब हम दोनों एकदम नंगे थे। मैंने चूची चूसनी शुरू कर दी। पहले वो मुझे इतना साथ नहीं दे रही थी मगर मैं लगा हुआ था। अब मैंने जैसे ही उसकी बुर पर अपना लंड रखा, वो एक बार फिर से गीली हो चुकी थी।
मैंने अपना लंड धीरे-धीरे अन्दर डालना शुरू कर दिया, उसकी आंखों में आंसू आने लगे। मैं थोड़ा धीरे हो गया फिर मैंने थोड़ा रुक कर उससे खेलना शुरू कर दिया।
चूमना, काटना, उसकी चूची को दबाना आदि करने लगा। फिर उसने कहा- अब मुझे अच्छा लग रहा है। फिर मैंने पहले धीरे-धीरे डालना शुरू किया Read – गर्ल्स हॉस्टल की रैगिंग में लेस्बियन सेक्स | Girls Hostel Lesbian Ragging Sex
अब वह कराहती हुई आवाज़ निकाल रही थी मगर मैं तो उसके बुर में लंड धकेलने में व्यस्त था। मुझे तो बस जल्दी पानी निकलना था ताकि मेरा मन शांत हो।
मैं जितना तेज़ चोदने लगा वह और तेज़ आवाज़ निकलने लगी। मुझे अच्छा लगा, मुझे कुछ भी नहीं दिख रहा था बस चोदे जा रहा था उसकी गोल चूची को दबाए जा रहा था, उसकी पप्पी ले रहा था और अपनी चोदने की रफ़्तार को भी तेज कर रहा था।
अब मुझे लगा मैं झड़ने वाला हू तो मैंने उसको बोला- बाबू मेरा निकलने वाला है। उसने मना कर दिया, बोला- अभी मेरा पीरियड ख़तम हुआ है. बच्चा रह जाएगा।
मगर उस समय मुझे कुछ दिमाग में सूझ ही नहीं रहा था और मैंने करते-करते पूरा रस उसकी बुर में ही छोड़ दिया ।
उसने मुझे कस कर अपनी बाहों में भर लिया।कुछ देर बाद मैंने उसकी पप्पी लेनी शुरू कर दी । हम दोनों एकदम तृप्त हो गए थे। बाकी की बातें आपको बाद में बताऊंगा की आगे हमने क्या क्या किया। आपके विचारों का स्वागत है। Read – गर्ल्स हॉस्टल की रैगिंग में लेस्बियन सेक्स | Girls Hostel Lesbian Ragging Sex