हॉट गर्ल बॉयफ्रेंड सेक्स कहानी में मेरी सहेली अपने बॉयफ्रेंड से चुदाई का मजा लेने ट्रिप पर जा रही थी. जाने से पहले मैंने उससे उसकी पिछली चुदाई की कहानी सुनी.
हाय, मेरा नाम सोनम है. ये मेरी अपनी सेक्स कहानी है.
बात कुछ महीनों पहले की है, जब मेरे साथ कुछ अजीब हुआ … और वह मेरी जिंदगी का सबसे शानदार अनुभव था.
मेरी एक सहेली है, उसका नाम प्रतिभा है.
वह दिखने में बहुत ही ज्यादा खूबसूरत है.
उसकी खूबसूरती का आलम यह है कि कॉलेज में सब उसे हॉटनेस की दुकान कहकर बुलाते थे.
आपको पसंद आने वाली भाषा में कहूँ तो वह पूरी की पूरी माल है.
उसकी हाइट 5 फुट 7 इंच है. फिगर की बात करूँ तो उसकी चूचियां 36 इंच की एकदम तनी हुई हैं.
कमर 32 की और उसकी गांड … उफ्फ साली 36 की गांड इस कदर मटकाती है कि लौंडों के लौड़े नब्बे डिग्री पर खड़े होकर पैंट में तंबू बना देते हैं.
क्या कमाल की लौंडिया है … साली एकदम दूध सी ऐसी गोरी-चिट्टी, मानो अभी दूध में नहाकर निकली हो.
ये तो हुई उसकी रंग-रूप की बात.
मैंने अपने बारे में तो कुछ बताया ही नहीं … कोई बात नहीं.
मेरे बारे में आपको हॉट गर्ल बॉयफ्रेंड सेक्स कहानी के बीच में पता चलेगा … और हां … मैं आपको यह तो बताना भूल ही गई कि इस सेक्स कहानी में हम दोनों के अलावा दो और लड़के भी हैं, जो बहुत ही हैंडसम हैं. उनके नाम रहेज़ और कल्पित हैं.
ग्रेजुएशन का ये हमारा आखिरी साल था. प्रतिभा और कल्पित दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और तीन साल से रिलेशनशिप में हैं.
लेकिन मेरी फूटी किस्मत, मेरा ब्रेकअप तो एक साल में ही हो गया.
वैसे मेरी और प्रतिभा की कोई बात छुपती नहीं.
वह क्या करती है, कहां जाती है … सब मुझे पता रहता है. उसका अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूमना, मिलना वगैरह वगैरह.
एक बार की बात है, कॉलेज की छुट्टी थी तो प्रतिभा और कल्पित ने कुछ दिनों के लिए ट्रिप प्लान किया.
उन्होंने मुझे भी साथ चलने को कहा.
मेरे लाख मना करने के बावजूद मुझे जाना पड़ा.
अगर मैं नहीं जाती, तो उसकी वाट लग जाती और उसके घर वालों को पता चल जाता.
फिर रात को मैं और प्रतिभा बैठकर बातें करने लगी और ट्रिप में क्या-क्या करेंगे, ये प्लान करने लगी.
शालिनी- यार, इस ट्रिप में तो सचमुच मजा आने वाला है.
कोमल- हां, वह तो है क्योंकि तू तो कल्पित के साथ चुदने जा रही है!
शालिनी- हां यार … बहुत दिन हो गए, कल्पित के साथ चुदाई ही नहीं हुई!
कोमल- तू तो मजे करेगी मेरा तो कुछ होगा नहीं, बस घूमना और तुम दोनों को चुम्मा-चाटी करते देखना.
शालिनी- वैसे मैंने तेरे छेद का भी इंतजाम कर दिया है!
कोमल- क्या?
शालिनी- हम्म … कल्पित का एक दोस्त आ रहा है और वहां रहने का सारा इंतजाम वही कर रहा है.
कोमल- अच्छा जी, फिर तो इस ट्रिप में बहुत मजा आने वाला है
शालिनी- वैसे यार … मुझे कल्पित का लंड लेने में बड़ा सुख मिलेगा न!
कोमल- क्यों?
शालिनी- उसका लंड इतना मोटा और लंबा है कि क्या ही बताऊं … साले का लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है … उफ्फ उसको लेने की सोचकर ही चुत में गर्मी लगने लगी है.
कोमल- वाह क्या बात है … तभी मैं सोचूँ कि मेरी रज्जो के चूचे इतने बड़े बड़े और गांड इतनी बड़ी कैसे हो गई?
प्रतिभा हंस कर बोली- यार, वह कमाल का बंदा है … साला जब भी मेरी चुत चोदता है तो मैं सब कुछ भूल जाती हूँ … बस मुझे हर वक्त उसी का लंड नजर आता है!
कोमल- अच्छा जी ये बात … उसी का लंड याद आता है! मेरी कुतिया, एक बात तो बता, जब तू मनाली ट्रिप पर गई थी … तब वहां क्या-क्या हुआ था? उस वक्त तो तुम दोनों अकेले गए थे न!
शालिनी- अच्छा सुन … तेरी चुत में भी रस आ जाएगा ध्यान से सुन रंडी … सब बताती हूँ!
सोनम ने प्रतिभा की बात सुनती हुई बिस्तर पर लेटे लेटे ही अपने कपड़े खोल लिए थे.
सोनम सिर्फ ब्रा और पैंटी में पड़ी थी.
प्रतिभा कहानी सुनाती हुई बता रही थी- जब हम लोग मनाली पहुंचे, तो हमने एक अच्छा-सा कमरा ले लिया. फिर शाम को घूमने गए. मनाली के सुंदर नजारे और ठंड का मजा लेकर रात को हम वापस कमरे में आ गए. डिनर हमने बाहर ही कर लिया था. कमरे में आने के बाद हमने कुछ देर बातें कीं और फिर आखिरकार हम दोनों का शो शुरू हुआ.
कोमल- अच्छा जी … शो शुरू हुआ … जल्दी बता न फिर क्या हुआ?
शालिनी- उसने मुझे एक ट्रांसपेरेंट ब्रा और पैंटी दी और बोला कि ये पहन कर आ जा. फिर मैं उस सैट को पहन कर कमरे में आ गई. साला … मुझे देखता ही रह गया. कमरे में हल्की नीली रोशनी थी और वह बस शॉर्ट पैंट में था. उसके लंड का उभार मेरी चूचियों में कड़ापन लाने लगा था.
‘फिर?’
‘फिर कल्पित ने मुझे खींच लिया और अपने गले से लगा कर फ्रेंच किस करने लगा. मैं भी उसका साथ दे रही थी.’
सोनम अपनी चुत सहलाती हुई बोली- हम्म … फिर!
‘फिर धीरे-धीरे वह मेरे पूरे बदन को सहलाने लगा था, जिससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी. किस करते-करते वह अपने दोनों हाथों से मेरी गांड को दबा रहा था और मैं उसका लंड पैंट के बाहर से ही सहला रही थी!’
कोमल- अच्छा तूने भी उसके लौड़े को सहलाना शुरू कर दिया था?
‘हां सुन न कुतिया … बीच में मत टोक … फिर वह मेरे पीछे आया और मेरी पीठ को अपने होंठों से चूमने लगा. वह अपने मुँह को मेरे एक कंधे के ऊपर लाकर मेरे कान को अपनी जीभ से सहलाने लगा और दांतों से हल्के हल्के से काटने लगा.’
‘हम्म …’
‘उसकी इस हरकत से मैं और गर्म होती जा रही थी.मेरी उंगलियां अपने आप मेरी चूत में चली गई थीं. मैं अपनी ही उंगलियों से चूत को सहला रही थी.’
सोनम यह सब सुनकर अपनी एक चूची के निप्पल को मींजने लगी थी.
‘कल्पित मेरे कंधे को चूमे जा रहा था. मेरे पूरे बदन में बिजली-सी दौड़ने लगी थी. उस वक्त कल्पित पीछे से ही अपने लंड से मेरी गांड को रगड़ रहा था. उसके दोनों हाथ मेरे बूब्स को जोर-जोर से मसलने लगे थे. मेरी सांसें तेज होती जा रही थीं.’
सोनम की आंखों में वासना का न/शा भरने लगा था.
‘ओह्ह … कल्पित … प्लीज रुकना मत!’
कोमल, प्रतिभा की इन बातों से गर्म होती जा रही थी.
कोमल- फिर क्या हुआ मेरी जान!
शालिनी- फिर कल्पित ने मेरी पैंटी खोल दी और वह मेरी चूत को सहलाने लगा. उसकी इस हरकत से अचानक मेरे मुँह से मदभरी सिसकारियां निकलने लगीं, ‘उम्म्म्म … आआआ … हम्म्म … ओह्ह करण!’
‘हम्म … फिर!’
‘फिर उसने मेरी ब्रा भी खोल दी. ब्रा के खुलते ही मेरे बूब्स इस तरह बाहर आए जैसे उन्हें अभी जाकर आजादी मिली हो. उधर कल्पित मेरे बूब्स को देखकर उन पर टूट पड़ा. वह मेरे बूब्स को पागलों की तरह चूसने लगा!’
‘फिर?’
‘फिर कल्पित ने मेरे बूब्स के निप्पलों को जोर-जोर से चूसना और मींजना शुरू कर दिया. उसके इस तरह चूसने से मैं पागल हुई जा रही थी. मैंने भी उसके सिर को पकड़ कर अपने बूब्स को जोर-जोर से चुसवाना शुरू कर दिया.’
‘मेरी ‘उम्म्म्म … आआआ …’ की सिसकारियां निकलनी फिर से शुरू हो गईं. सच बताऊं सोनम मुझे तो अपने बूब्स चुसवाने में बहुत ज्यादा मजा आ रहा था!’
प्रतिभा की बातों से सोनम अब अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को धीरे-धीरे सहलाने लगी थी.
शालिनी- फिर कल्पित ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे दोनों पैरों को खोल दिया. कल्पित मेरे पैरों को अपने होंठों से चूमने लगा और अपनी उंगलियों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर ले जाने लगा.
‘सच में यार तेरा चोदू तो बड़ा मस्त है!’
‘हां यार … उसकी इस हरकत से मेरा पूरा बदन अंगड़ाइयां लेने लगा. मैं बेसुध होती जा रही थी, मेरी आंखें अपने आप बंद होती जा रही थीं … मेरी सांसें बढ़ती ही जा रही थीं.’
कोमल- उम्म …
‘करण, मेरी लंबी गोरी और मोटी जांघों को देखकर मदहोश हो रहा था.’
‘हम्म … फिर!’
शालिनी- फिर वह मेरी जांघों को चूमते हुए मेरी चूत की तरफ बढ़ने लगा. जब वह मेरी चूत को अपने होंठों से चूमने और सहलाने लगा तो उफ्फ … मेरी तो जैसे सांसें थम सी गईं. मैं बर्फ की तरह पिघलने लगी.
कोमल- तू सच में मर्द के नीचे पिस रही थी यार!
‘हां यार … सुनो न … अब वह मुझे चूमते हुए ऊपर मेरी नाभि तक पहुंच गया. वह मेरी नाभि को अपनी जीभ से सहलाने लगा और फिर से मेरे बूब्स को चूसने लगा. मेरी सांसें तेज और तेज होती जा रही थीं. मैं पूरी तरह उस तूफान में डूबती जा रही थी. मुझे इस तरह मदहोश होते देख कर कल्पित में जोश और बढ़ता ही जा रहा था!’
‘फिर?’
‘फिर कल्पित ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर चढ़ गया. उसने अपना लंड मेरे बूब्स के बीच में रख दिया.’
‘अरे वाह बूब्स फकिंग भी!’
प्रतिभा की बातों से सोनम मदहोश होती जा रही थी और वह अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को जोर जोर से दबा रही थी.
शालिनी- हां मेरी रंडो … फिर मेरे कल्पित ने अपने लंड से मेरे बूब्स को चोदना शुरू कर दिया. वह अपने लंड को मेरे दोनों बूब्स के बीच में आगे-पीछे, आगे-पीछे करने लगा. उसके ऐसा करने से मैं मस्त होने लगी … और कल्पित और ज्यादा हॉर्नी होने लगा. इस वजह से उसका लंड भी और सख्त होने लगा!’
‘हां यार … मर्द का लंड तो कड़क ही अच्छा लगता है!’
‘हां उसका लंड मेरे मम्मों से ज्यादा रगड़ने की वजह से लोहे की तरह खड़ा हो गया था. उसके इतने मोटे और लंबे लंड को देखकर मेरी तो सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई थी. फिर मैंने उसके लंड को पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया.
‘हम्म … मोटा कड़क लंड सहलाने में मजा आ रहा होगा तुझे?’
‘हां … बहुत अच्छा लग रहा था. थोड़ी देर तक लंड सहलाने के बाद मैंने उसके लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी!’
लंड चूसने की बात सुनकर सोनम के मुँह से आह निकल गई.
प्रतिभा बता रही थी कि उसके लौड़े को चूसते ही मेरे मुँह से उम्म्म्म … आआआ … उच्छ्ह्ह … की आवाजें निकलने लगी थीं. वह जोर-जोर से कल्पित के लंड को चूसने में लगी थी, तो कल्पित उसके बाल पकड़ कर अपना पूरा लंड मुँह में अन्दर तक पेलने लगा.
शालिनी- सोनम मेरी जान मेरा यार तो पूरे जोश में था और मैं बड़े मजे से उसका लंड चूसने में लगी थी!
‘तुझे मजा आ रहा होगा न!’
‘हां मैं कल्पित के लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी और मेरी उंगलियां मेरी चूत को सहलाने लगी. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था और कल्पित का लंड भी पूरी तरह सख्त हो चुका था!’
‘फिर?’
‘फिर मैंने कल्पित से कह ही दिया कि जान, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा. अब डाल दे मेरी चूत में अपना ये डंडा!’
कोमल- आह मुझे तो सुनने से ही चुदने की चुल्ल होने लगी है यार!
शालिनी- तुझे भी दिलवा दूँगी … अभी मेरी चुदाई की सुन … कल्पित मेरे मुँह से लंड पेलने की बात सुनते ही और जोश में आ गया. वह मेरी जांघों को अपने लंड से सहलाते हुए ऊपर मेरी चूत तक पहुंच गया.
‘फिर?’
‘फिर वह मेरी चूत के ऊपर अपने लंड से मारने लगा और मेरी चूत के ऊपर अपने लंड को रगड़ने लगा. मैं तो पूरी की पूरी रिसने लगी थी.’
हॉट गर्ल बॉयफ्रेंड सेक्स कहानी सोनम चुपचाप सुन रही थी.
‘पूरे कमरे में मेरी सिसकारियां बढ़ने लगीं … उम्म्म्म … आआआ … प्लीज मुझे और जोर से चोदो! मैं यही सब चिल्लाती हुई अपनी कमर को उठाने लगी.’
कोमल- फिर?
शालिनी- फिर कल्पित ने अपने लंड को मेरी चूत में डाल ही दिया. जैसे ही उसका लंड मेरे अन्दर गया, मेरा पूरा शरीर जैसे सातवें आसमान पर पहुंच गया. मेरा पूरा शरीर मानो पूरी तरह से पिघल गया हो. कल्पित ने जब मुझे इस तरह देखा, तो वह समझ गया कि अब मैं पूरी तरह बेकाबू हो चुकी हूँ. उसने अपना काम शुरू कर दिया.
कोमल- हम्म …
‘कल्पित ने अपने लंड को मेरी चूत में धीरे-धीरे रगड़ते हुए चुत को मजा देना शुरू किया. मैं मस्त होने लगी थी कि तभी उसने एक ही झटके में अपने लंड को मेरी चूत में अन्दर तक पेल दिया. मैं आह करके चिल्लाई ही थी कि उसने मेरे मुँह को अपने होंठों से बंद कर दिया और अब वह किसी मदमस्त हाथी की तरह अपने लंड को मेरी चूत में अन्दर-बाहर, अन्दर-बाहर करने लगा.’
‘आह … तेरी चुत का भोसड़ा बना रहा था वह तेरी चुत का चोदू!’
‘हां यार … कल्पित हर झटके में अपने लंड को मेरी चूत में पूरी जड़ तक डाल और निकाल रहा था. उसके ऐसा करने से मेरी सिसकारियां जैसे रुक ही नहीं रही थीं.
‘उम्म्म … आआआ …’
सोनम अपनी सहेली की चुदाई को सुनकर मजा ले रही थी.
उधर प्रतिभा अपनी मस्ती में अपनी चुदाई की दास्तान बताए जा रही थी.
‘उसकी चुदाई से पूरा कमरा मेरी सिसकारियों की आवाजों से गूँजने लगा. मैं पूरी तरह मदहोश हो चुकी थी. वह रुक ही नहीं रहा था.’
सोनम ने कहा- तूने उसे रोका नहीं!
‘अरे बहुत रोका और मैंने उसे गाली देते हुए भी कहा कि साले कमीने, आराम से चोद ना … मैं कहां भागी जा रही हूँ. इस पर वह थोड़ा रुका और फिर धीरे-धीरे अपने लंड से मेरी चूत के छेद को चोदकर और चौड़ा करने लगा.’
सोनम ने प्रतिभा की चूची मसल कर कहा- सच में ऐसा हुआ था न!
शालिनी- हां यार … अब तो मुझे कल्पित के लौड़े से चुदने में खूब मजा आने लगा था और मेरे कंठ से ‘उम्म्म … आआआ …’ की कामुक सिसकारियां निकलना फिर से शुरू हो गई थीं.
‘फिर?’
‘फिर कल्पित मुझे चोदते हुए मेरे बूब्स को चूसने लगा. मैं भी उसे और उकसाने लगी … और वह मुझे और जोर-जोर से चोदने लगा.’
सोनम वासना से मस्त होकर प्रतिभा की चूची से खेलने लगी थी.
प्रतिभा के कंठ से चुदाई की मस्ती भरी आवाजें निकलने लगी थीं- उम्म्म … आआआ … येस्स्स… हम्म्म … ओह्ह … आआआ … याआह … उसके लंड और मेरी चूत के टकराने से चप-चप … चपक … चप-चप की आवाजें पूरे कमरे में गूँजने लगीं.
‘फिर?’
‘फिर क्या मेरी जान … तभी मैं झड़ गई और कल्पित भी मेरे साथ ही मेरी चुत में झड़ने लगा. आह सच में हम दोनों भूल ही गए थे कि चुत में लंड का रस टपक गया था.’
दोस्तो, कल्पित और प्रतिभा की चुदाई की दास्तान सुनकर सोनम की चुत भी रस फेंकने लगी थी और उन दोनों ने आपस में लेस्बियन सेक्स शुरू कर दिया था.