मेरा नाम सोनिया है, मैं 19 साल की हूं, साइज क्या बताना बस इतना समझ लो कि जो भी दिन मुझे देख लेता है मुझे वो रात में मेरे बारे में सोच की मुठ मारता है।
आज मैं एक सच्ची कहानी आपको बता रही हूं, बात उन दिनों की है जब मैं दिल्ली में पढ़ती थी। मैं गांधीनगर आयी थी अपने घर गर्मी की छुट्टियों में।
और छुट्टियाँ ख़तम करके मैं वापस लौट रही थी, मेरी ट्रेन गांधीनगर सेंट्रल से थी, आरक्षण कन्फर्म नहीं हो पाया आरएसी में हुआ था, जिसका एक ही बर्थ दो लोगो को शेयर करना होता है।
मेरे बर्थ का जो पार्टनर था वो करीब 23 साल का लड़का था, देखने में भी बिल्कुल गोरा और करीब 6 फिट का था
वो नेशनल लेवल का प्लेयर था, बस बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे शौक क्या है, क्या खाना पसंद है आदि आदि। रात को जब सब लोग सोने लगे तो हमलोग को सिर्फ बैठने की जगह थी इस वजह से करीब 1 बजे तक बात करते रहे।
फिर मुझे नींद आने लगी और उसने कहा कोई बात नहीं आप सो जाओ, फिर मैं सो गई जब करीब एक घंटे बाद देखा तो शुभेन्द्र बैठा हुआ था,
मुझे अच्छा नहीं लगा मैं कह चलो यार तुम भी सो जाओ, और दोनों ही एक ही बर्थ में किसी तरह से लेट गया, अब उसका लंड मेरे शरीर का टच कर रहा था
और धीरे-धीरे उसका लंड काफी टाइट हो गया पर वो मुझे महसूस नहीं करना चाह रहा था शायद वो डर रहा था पर मैंने सोचा मुझे ही कुछ करना पड़ेगा, आज मैं भी इस लंड का स्वाद तो ले लू
मैं तो पूरी तरह से गरम थी क्यों कि मेरी चूत से पानी आने लगा था और पूरा मेरी चूत गरम हो गयी हाय, जब मैंने उंगली से छुआ तो देखा कि मेरी चूत पूरी गिली थी, क्या बताउ यार अब मेरे से रहा नहीं जा रहा था।
मैंने अपने बैग से एक बेडशीट निकाली और उसको ओढ़ ली, और मैंने उसको कहा तुम भी ओढ़ लो, कोई बात नहीं यार ट्रेन में सब चलता है।
फिर उसने ओढ़ लिया, अब तो वो थोड़ा और करीब आके लंड को सटा रहा था मैंने धीरे धीरे अपनी गांड को उसके लंड के पास रगड़ने लगी, उसका लंड तो अब तन के करीब 8 इंच का हो गया,
मैंने पहले ही लंड का मजा ले चुकी हूं पर वो लंड करीब 6″ के थे। धीरे-धीरे मैं उसके लंड को हाथ से पकड़ लिया और उसको देख मैं मुस्कुरायी और वो भी मुस्कुराया।
फिर क्या था अब तो वो अपने पैर से मेरे चूची को दबाने लगा और मैं भी अपना पैर से उसके बदन को सहलाना शुरू कर दिया और हाथों से भी, अब वो मेरे गांड को छूने लगा।
मैं बहुत उत्साहित हो गई, हम दोनों कुछ कर नहीं पा रहे थे क्यों कि मैं जींस पहन रही थी।
फिर मैं टॉयलेट के लिए गई और वो भी 3-4 मिनट बाद आ गया, टॉयलेट के पास दो लोग बैठे हुए थे पर वो बैठे बैठे सो रहे थे रात ज्यादा हो रही थी इसलिए।
फिर वो टॉयलेट में घुस गया और मेरी चुचियों को दबाने लगा, और पगलो की तरह टूट पड़ा, मैं भी कोई कम नहीं थी, मैं भी उसके लंड को पकड़ ली और चूसने लगी, उसने कहा कि खोलो ना पेंट प्लीज,
मैंने कहा यहाँ अच्छा नहीं होगा ऊपर से करते हैं मैं तुम्हारे साथ रहूंगी अगर तुम चाहो तो!!! वो तैयार हो गया,
मैं उसके लंड को चूसने लगी करीब 10 मिनट तक लंड चूसी और वो फिर मेरे मुंह में सारा मलाई डाल दिया।
दूसरे दिन ट्रेन हमारी पहुंच गई अहमदाबाद वो किसी बिजनेस के सिलसिले में आया था, फिर प्लान बनाया कि मैं आज अपने रूम में नहीं जाऊंगी, मैं वहां एक रूम किराए पर लेकर रहती थी
हमलोग एक होटल का कमरा बुक किया और दोनों चले गए। फिर क्या था पहुंचते ही वो मेरे दूध को दबाने लगा, किस करने लगा मैं भी किस कर रही थी
मैंने अपनी जींस उतार दी और टी-शर्ट भी, उसने तुरंत ही मेरी ब्रा को हुक खोल दिया और चूची को अपने मुँह में लेके निपल को दबा दिया, मेरे दूध काफी टाइट हो गए थे और
मैं तो बस aaaaaaaaahhhhhhhh, अरे इसको छोड़ो बुर को चाटो, बुर को चाटो, बुर को चाटो मेरी जान, कितना तड़पाओगे, रात भर मैं तड़पती रही अब तो बस करो…
मैं लेट गई बिस्तर पर वो ऊपर चढ़ गया अपना मोटा लंड निकाल के मेरे बुर के छेद पर रखा और बिल्कुल एक ही बार में अंदर कर दिया।
मैं तो चीखने लगी, phaaaaaaaaaaaaddddddddddddd दिया, मर गईइइइइइइइ ohhhhhhhhhhh, auchhhhhhhhh धीरे से pleaeeeeeeee, ummmmmhaaaaa ohhhhhhhhhhhhh क्या लंड है तेरा एक दम लास्ट तक जा रहा है, वो बिना रुके पेले पेले जा रहा था,
फिर उसने करीब 4-5 पोज में मुझे चोदा और मैं भी खूब चुदवाई करीब 40 मिनट तक चुदवाने के बाद हम दोनों खलास हो गए, फिर करीब 2 घंटे बाद उठे।
फिर करीब 24 घंटे उसके साथ थे हमें वो 8 बार चोदा मैं कभी भी भूल नहीं सकती। आज भी बहुत याद आता है वो मस्त चुदाई।